dainikmadhurdarpan

भारत सरकार मै रजिस्टर्ड न्यूज़ पोर्टल

बदलते मौसम में खान-पान का रखें विशेष ध्यान और गर्मियों में रखें अपना ध्यान, लू से बचें और गर्मियों में बाहर घूमने जाएं तो रखें ध्यान..

✴️ बदलते मौसम में खान-पान का रखें विशेष ध्यान और गर्मियों में रखें अपना ध्यान, लू से बचें और गर्मियों में बाहर घूमने जाएं तो रखें ध्यान…

 राजगढ 21 मई, 2024

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा आमजनों को सलाह दी है कि वे बदलते मौसम में खान-पान का रखें ध्यान ताकि बीमारियां न करें परेशान ताजा और हल्का भोजन ही खाएं, जंक फूड खाने से बचें, पानी अधिक मात्रा में पिएं, फलों का सेवन करें, चाय,  कॉफी, गैस वाले पेय पदार्थों का सेवन नहीं करें, गर्मियों में रखें अपना ध्यान ताकि बीमारियां न करें परेशान, धूप और अधिक तापमान की वजह से होने वाली सामान्य परेशानियां जेसे गर्म लाल और सूखी त्वचा, मतली या उल्टी, तेज सिर दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी या ऐठन, सांस फूलना, धड़कन तेज होना, घबराहट, लू से बचें गर्मियों में बाहर घूमने जाएं तो अपना विशेष ध्यान रखें, पीने का पानी, जुस साथ रखें और हाइड्रेटेड रहें, पतले, ढीले सूती वस्त्र पहनें, अपने सिर को छाते/टोपी/तौलिया आदि से ढक लें, ताकि धूप के सीधे संपर्क में आने से बचा जा सके, नंगे पांव बाहर ना निकलें, अपना ध्यान रखें लू से बचें लू लगने के कारण होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है यदि आप या कोई भी अन्य व्यक्ति लू के कारण होने वाले तनाव के लक्षणों का अनुभव करता है, तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें।

                लू लगने के संकेत:-

 लू लगने के कारण होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है यदि आप या कोई भी अन्य व्यक्ति लू के कारण होने वाले तनाव के लक्षणों का अनुभव करता है तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करना चाहिये। लू लगने के संकेत चक्कर आना, जी मिचलाना, अत्यधिक प्यास लगना, पेशाब कम होना, सिरदर्द, हॉफना और दिल की धड़कन तेज होना आदि लक्षण अना लू लगने के संके होते है।

    डिहाइड्रेशन निर्जलीकरण के लक्षण:-

डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) के लक्षण सांस लेने में तकलीफ, होंठ सूखना या खून आना, स्किन ड्राई होना, सिर दर्द, सुस्ती और थकान, एकाग्रता में कमी, कब्ज, सांस में बदबू आना, मांसपेशियों में दर्द, पेशाब कम होना या उसका रंग बदलना,शरीर में पानी की कमी होने पर होती है। यह स्थिति तब पैदा होती है, जब शरीर से निकलने वाले पानी की मात्रा दिनभर में ली जाने वाली पानी की मात्रा से अधिक हो जाती है। व्यक्ति विशेष और शरीर में पानी की मौजूदगी के आधार पर समस्या की गंभीरता कम या ज्यादा हो सकती है।डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) से बचाव के उपाय तरबूज, खरबूज, संतरा जैसे रसदार फल अधिक मात्रा में खाएं, ORS ओरआरएस का घोल पिएं, नींबू पानी, छाछ, आम पन्ना, नारियल पानी या फ्रेश जूस पिएं, घर से बाहर निकलते वक्त पानी की बोतल साथ में लेकर जाएं, लगातार पानी पीते रहें, चाय-कॉफी गर्म पेय का सेवन करने से बचें यह सावधानियां आवश्यक है।

error: Content is protected !!

Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home/dainikmadhurdarp/public_html/wp-includes/functions.php on line 5481