हजारीलाल दांगी को मंत्री पद पर मौका देने से राजगढ़ जिले मे प्रभावहीन हो सकते है दिग्गी राजा, दिग्गी राजा को उनके महल में जाकर खुली चुनौती देने वाले राजगढ़ जिले में पहले नेता है हजारीलाल दांगी..
📣 हजारीलाल दांगी को मंत्री पद पर मौका देने से राजगढ़ जिले मे प्रभावहीन हो सकते है दिग्गी राजा, दिग्गी राजा को उनके महल में जाकर खुली चुनौती देने वाले राजगढ़ जिले में पहले नेता है हजारीलाल दांगी..
दैनिक मधुरदर्पण समाचार
🎤🤳 आकाश शर्मा
राजगढ़:- खिलचीपुर एक जमाने में कांग्रेस का गढ़ रहा है. यहां से हर चुनाव में चाहे वह लोकसभा हो या विधानसभा, कांग्रेस चुनाव जीतकर आती थी. यह सभी जानते है कि प्यारेलाल खंडेलवाल से चुनाव दिग्गी राजा बहुत कम मतों से जीते थे. उस समय खिलचीपुर से ही उन्हें लीड मिली थी. उस लीड को दिलाने में तत्कालीन इंका नेता के रूप में मास्टर हजारीलाल दांगी ही थे.
लेकिन दिग्गी राजा ने परिवारवाद में कार्यकर्ताओं का मरण करना शुरू किया और स्थानीय नेताओं का हक छीनकर अपने परिवार के लोगो को देने का निर्णय लिया तो हजारी मास्टर ही राजगढ़ जिले का एक मात्र ऐसा नेता था जिसने राघौगढ़ के किले में जाकर खुली चुनौती दी थी कि अगर हमारी बात नहीं मानी, जमीनी कार्यकर्ताओ की जगह परिवार वाद चलाया तो राघौगढ़ की दीवारे हिला दी जायेगी. और फिर भी दिग्गी का परिवार प्रेम कम नही होते देख, और
इसी का परिणाम है कि मास्टर दांगी ने भाजपा में शामिल होकर कांग्रेस की जड़े काटना शुरू की. मास्टर की वजह से कई दिग्गी राजा के करीबी नेता कॉग्रेस छोड़ हजारीलाल दांगी से जुड़ते चले गए, किसी जमाने में भाजपा का नाम खिलचीपुर में केवल चुनाव लड़कर हारने के लिये लिया जाता था. यहां जनपद, मंडी, नगरपालिका, सोसायटी किसी में नहीं लिया जाता था. इन संस्थाओं में भाजपा चुनाव नहीं जीत पाती थी. लेकिन हजारी मास्टर के भाजपा में आने के बाद भाजपा खिलचीपुर विधानसभा में हर जगह चुनाव जीतने में सफल होती चली गई. यहां तक कि विधानसभा चुनाव भी दो बार जीत कर बता दी. इस बार भी हजारी मास्टर ने खिलचीपुर में दिग्गी राजा के परिवार के सदस्य और राजघराने के सदस्य, प्रदेश के पूर्व मंत्री प्रियवृत्त सिंह को भारी वोटो से चुनाव हराकर दिग्गी राजा को सबक सिखाया है.
राजगढ़ जिले में दिग्गी राजा की ताकत कम करना है ओर भाजपा की ताकत बढ़ाने का काम संगठन को करना है तो प्रदेश के मंत्रीमंडल में हजारीलाल दांगी को मौका देना चाहिए. हजारीलाल दांगी, दांगी समाज के भी राष्ट्रीय अध्यक्ष है और प्रशासनिक पकड़ रखने वाले प्रभावी नेता है. वे कार्यकर्ता के लिये लड़ने वाले नेता है और उनके लिये हर प्रकार से साथ देने वाले नेता है.
इसलिये कांग्रेस को जिले में ओर प्रदेश में कमजोर करना है तो दिग्गी राजा के घर से ही कमजोर करने के लिये हजारी मास्टर को मंत्री बनाने का निर्णय लेना चाहिए. क्षेत्र मे भाजपा की जो लहर दौड़ रही है, इसमे हजारीलाल दांगी का निःसन्देह बड़ा सहयोग मिला है। और मन्त्री पद मिलने से निश्चित क्षेत्र मे भाजपा बहुत ज्यादा मजबूत होगी।
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अजय लाल जी दांगी मास्टर को मंत्री बनाना जरूरी है क्योंकि ऊर्जा मंत्री को हराया इसलिए मंत्री पद बनता है
अजय लाल जी दांगी मास्टर को मंत्री बनाना जरूरी है क्योंकि ऊर्जा मंत्री को हराया इसलिए मंत्री पद बनता है
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