📣 धानोदा ग्राम के लखन राजपूत हत्याकांड मैं आया कोर्ट का फैसला, आरोपीगण को आजीवन सश्रम कारावास व लगा जुर्माना।।
📣 हत्या के आरोपीगण को आजीवन कारावास
दैनिक मधुरदर्पण समाचार द्वारा
📣✍️🖕 आकाश शर्मा संपादक
राजगढ। जिला न्यायालय राजगढ में पदस्थ चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीष राजगढ सचिन द्विवेदी राजगढ़़ ने अपने न्यायालय के सत्र प्रकरण क्रमांक एसटी 214/23 में हत्या के अपराध में अहम फैसला सुनाते हुयेें देसी पिस्टल, सब्बल, लाठी एवं पत्थर से जानलेवा हमला कर हत्या करने वाले आरोपीगण लोकेश, प्रेमसिंह को धारा 302 भादवि में आजीवन सश्रम कारावास एवं प्रत्येक को 2000/- रूपये जुर्माने से दण्डित किया है। इस प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्री आलोक श्रीवास्तव राजगढ ने की है। जिला अभियोजन अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मध्यप्रदेश शासन की योजना के तहत इस अपराध को जघंन्य एवं सनसनीखेज चिन्हित अपराध की श्रेणी में रखा गया था। इस प्रकरण में मृतक को उसके शरीर के मर्म स्पर्शी भागों पर 10 से अधिक गंभीर चोटें थी।
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 05.04.23 को ग्राम धानोदा में गोली चलने की सूचना ग्राम चैकीदार से प्राप्त होने पर सूचना की तस्दीक में पुलिस थाने से रवाना होकर ग्राम धानोदा में राधेश्याम राठौर के घर के सामनें पहंुची, तो मौके पर मृतक की हत्या हो चुकी थी । फरियादिया मृतक की बहन सपना की रिपोर्ट पर देहाती अपराध नालसी क्र 00/23 धारा 302,34 भादवि दर्ज की गई ।
प्रथम सूचना रिपोर्ट के अनुसार मृतक ने गांव के राधेश्याम राठौर के गैहु थ्रेशर से निकालकर घर में रखने का ठेका लिया हुआ था । दिनांक 05.04.23 को फरियादिया और उसके भाई जब राधेश्याम राठौर के घर के सामने गेहु की ट्राली खाली करके लौटने की तैयार कर रहे थे इतने में प्रेमसिंह की डेयरी की दुकान में से बाल अपचारी, लोकेश उर्फ सुरेन्द्र पिता प्रेमसिंह, प्रेमसिह पिता पदमसिह निकलकर आयें लोकेश के हाथ में लोहे का संब्बल था, बाल अपचारी के हाथ में एक देशी कट्टा था व प्रेमसिंह के हाथ में एक लाठी थी। बाल अपचारी ने हाथ में लियें देशी कट्टे से मृतकपर फायर किया तो मृतक ट्रेक्टर को छोडकर भागने लगा तो लोकेश ने हाथ में लिये लोहे के सब्बल से उसके सिर में मारी तो मृतक वही गिर पडा फिर प्रेमसिंह ने लाठी से और बाल अपचारी ने उल्टे देशी कट्टे से उसके सिर में मारी फिर प्रेमसिह ने पत्थर ओर लोकेश ने सब्बल से मेरे भाई मृतक के सिर व चेहरे पर मारी फिर बाल अपचारी नें लोकेश से लोहे का सब्बल लेकर मृतक के सिर में मारा ओर गर्दन में सब्बल घुसेड दिया।
मृतक को पत्थर व संब्बल से मारने से चेहरे व सिर में चोट लगकर खुन निकल रहा था ओर मोके पर ही फरियादीया के भाई की मौत हौ गई थी। फरियादिया के चिल्लाचोंट करने पर बाकी लोग आ गए एवं तीनों आरोपीगण सब्बल को मृतक की गर्दन में घुसा हुआ छोडकर मोटर साईकल से भाग गयें।
नृशंस हत्या करने की वजहः-
घटना के करीब 01 साल पहले मृतक ने अपचारी बालक की बड़ी बहन से प्रेम विवाह किया था। इसी बात की रंजिश पर से बाल अपचारी, लोकेश, प्रेमसिंह ने मृतक की हत्या की है। उक्त रिपोर्ट की कायमी थाना माचलपुर में पंजीबद्ध की गई। सम्पूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र विचारण हेतु माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस प्रकरण में अभियोजन की ओर से 11 गवाहों का परीक्षण किया गया, और परीक्षण में महत्वपूर्ण प्रपत्र साक्ष्य में प्रदर्शित कराये गए। माननीय न्यायालय द्वारा उक्त प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आरोपीगण को आजीवन सश्रम कारावास एवं प्रत्येक को कुल 2000/- रूपये जुर्माने से दण्डित किया है।
मृतक की पत्नी ने भी अपनी जान दे दी:-
मृतक की पत्नी इस बात से बहुत दुखी थी की उसके भाई और परिवार के लोगों ने मिलकर उसके पति की नृशंस हत्या की है। इस बात से दुखी होकर मृतिका ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। जिसकी मृत्यु पर थाना माचलपुर में मर्ग कायम कर जांच की गई थी। जांच में इस तथ्य का खुलासा हुआ था कि मृतिका मृतक की मृत्यु के बाद से लगातार गुमसुम और परेशान दुखी रहती थी। इसी दुख के कारण उसने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
Nice Post
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