👉 आतिशबाजी और सम्मान के साथ विदाई: 43 वर्षों की निष्कलंक सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए सतीश चंद्र शर्मा।
माचलपुर। नगर परिषद माचलपुर में शुक्रवार रात्रि को एक भावुक, गरिमामयी एवं यादगार विदाई समारोह का आयोजन किया गया। यह समारोह नगर परिषद के राजस्व उप निरीक्षक सतीश चंद्र शर्मा (सत्तू दादा) के सम्मान में आयोजित किया गया, जो जून 2026 में अपनी 43 वर्षों की लंबी, समर्पित एवं गौरवशाली शासकीय सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
कार्यक्रम में नगर परिषद अध्यक्ष गीताबाई मालवीय, मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) देवेंद्र कुमार वत्स, पार्षदगण, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी तथा नगर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सभी ने सतीश चंद्र शर्मा के कार्यकाल को ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए उनके योगदान को याद किया।
अपने संबोधनों में सीएमओ देवेंद्र कुमार वत्स, इंजीनियर गोविंद सिंह चौहान, पार्षद दयाराम राठौर, विजय गुप्ता, चंद्रशेखर मारू, शिक्षक ब्रजभूषण त्रिवेदी एवं सुरेश चंद्र सोनी ने कहा कि शर्मा ने अपने पूरे सेवाकाल में न केवल प्रशासनिक दायित्वों का सफल निर्वहन किया, बल्कि जनता की समस्याओं के समाधान को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भी सतीश चंद्र शर्मा जैसे कर्मनिष्ठ और अनुशासित कर्मचारियों से सीख लेने की आवश्यकता है।
वक्ताओं ने बताया कि शर्मा की सबसे बड़ी विशेषता उनकी समयपालन और कार्य के प्रति निष्ठा रही। वे प्रतिदिन कार्यालय समय से पहले पहुंचकर पूरे समर्पण के साथ जनता के कार्यों का निराकरण करते थे। उन्होंने कभी भी व्यक्तिगत लाभ या चापलूसी की राजनीति को महत्व नहीं दिया और सदैव निष्पक्षता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।
नगरवासियों ने विशेष रूप से उस दौर को याद किया जब माचलपुर भीषण पेयजल संकट से जूझ रहा था। उस समय सतीश चंद्र शर्मा ने अपने मूल दायित्वों से आगे बढ़कर रात-रात भर जागकर पानी के टैंकरों का संचालन करवाया, ताकि नगर की जनता को पानी की परेशानी का सामना न करना पड़े।
43 वर्षों के सेवाकाल में नगर परिषद में अनेक राजनीतिक और प्रशासनिक परिवर्तन हुए। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के जनप्रतिनिधि आए और गए, कई सीएमओ एवं अधिकारी बदले, लेकिन सतीश चंद्र शर्मा ने सभी के साथ समन्वय, सौहार्द और पारिवारिक भावना से कार्य करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई। यही कारण रहा कि उनके कार्यकाल पर कभी कोई दाग या विवाद नहीं लगा।
विदाई समारोह में नगर परिषद परिवार द्वारा उन्हें शाल, श्रीफल, साफा, पुष्पमाला एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान आतिशबाजी कर उनके सम्मान में खुशियां मनाई गईं।
नगर परिषद से विदाई के बाद जब सतीश चंद्र शर्मा अपने मोहल्ले पहुंचे तो वहां भी उनका भव्य स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी, पुष्पवर्षा और मालाओं के साथ मोहल्लेवासियों एवं परिजनों ने उनका अभिनंदन किया।
घर के प्रवेश द्वार पर रंगोली सजाई गई, आरती उतारी गई और परिजनों तथा मित्रों ने नृत्य कर अपनी खुशी व्यक्त की।
माचलपुर नगर के लिए सतीश चंद्र शर्मा की सेवानिवृत्ति केवल एक कर्मचारी की विदाई नहीं, बल्कि जनसेवा, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के एक स्वर्णिम अध्याय का सम्मानपूर्ण समापन है। नगरवासियों ने उनके स्वस्थ, सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें नई जीवन यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।

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