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वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य की रहस्यमयी मौत, चौथी मंजिल से गिरने के बाद कटा मिला प्राइवेट पार्ट।

✍️वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य की रहस्यमयी मौत, चौथी मंजिल से गिरने के बाद कटा मिला प्राइवेट पार्ट।

✍️कमरे से खून से सना ग्राइंडर बरामद, हत्या या आत्महत्या पर गहराया सस्पेंस; CCTV और फॉरेंसिक जांच में जुटी पुलिस।

वृंदावन आकाश शर्मा संवाददाता। धर्मनगरी वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के 25 वर्षीय शिष्य दीपक उर्फ ‘रसिक दुलारी शरण’ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दीपक बहुमंजिला इमारत की चौथी मंजिल से नीचे गिरे थे। वहीं, उनका निजी अंग कटा हुआ मिलने और कमरे से खून से सना ग्राइंडर बरामद होने के बाद मामला और रहस्यमयी हो गया है। पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि निजी अंग दीपक ने खुद काटा था या घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी। पुलिस ने घटना को लेकर हत्या और आत्महत्या समेत सभी संभावित पहलुओं को जांच के दायरे में रखा है।

✍️कमरे में मिला खून से सना ग्राइंडर।

प्राथमिक जांच के दौरान पुलिस को दीपक के कमरे से खून से सना ग्राइंडर मिला। आशंका है कि इसी उपकरण से उनका निजी अंग काटा गया होगा। हालांकि, यह घटना किस परिस्थिति में हुई, इसे लेकर अभी पुलिस ने कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। क्षेत्राधिकारी संदीप सिंह के अनुसार, पुलिस को घटना की सूचना अस्पताल के माध्यम से मिली थी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

CCTV में चौथी मंजिल से गिरते दिखे दीपक।

कोतवाली प्रभारी अश्विनी कुमार ने बताया कि इमारत और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दीपक ऊपरी मंजिल से नीचे गिरते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इससे पहले कमरे में क्या हुआ और इस घटना की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी जांच जारी है।

पुलिस मृतक के मोबाइल फोन, कमरे की स्थिति, CCTV फुटेज और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

2015 में ली थी दीक्षा, 50 अन्य शिष्यों के साथ रह रहे थे।

पुलिस जांच में सामने आया है कि दीपक मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के रहने वाले थे। उन्होंने सितंबर 2015 में संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी, जिसके बाद उन्हें ‘रसिक दुलारी शरण’ नाम मिला। वह इसी इमारत में संत प्रेमानंद महाराज के करीब 50 अन्य दीक्षित शिष्यों के साथ रह रहे थे। घटना के समय दीपक अपने कमरे में अकेले थे। उनकी मां लोंग बाई पटेल के अनुसार, उन्हें दोपहर करीब एक बजे फोन पर बेटे की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली थी। परिवार के मुताबिक, पिछले वर्ष ही उनकी दीपक से आखिरी मुलाकात हुई थी।

फिलहाल पोस्टमार्टम, फॉरेंसिक जांच और CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। मौत की असली वजह और निजी अंग कटने की परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।

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